प्यार

स्नेह का एहसास ही खास होता है,
जब कोई दिल के पास होता है।
लड़ना झगड़ना तो निशानी है अपने पन की,
शांति में तो बस मतलबी रिश्तों का वास होता है।
मैं हमेशा मानता हूं अब अपनी गलतियों को,
तुम चाहे जो सजा दो सब मंजूर है हमको।
तुमसे प्यारा ना कोई था न कभी कोई होगा मेरे लिए,
ये एहसास हर लम्हा बता क्या करू तेरे लिए।
हर सजा को हस के कुबूल करता हूं,
मै आज भी तुझपे ही तो मरता हूं।
मुझ को सजा दो तो कोई बात नही,
न गिराओ आंखो से मोती मै इसका हकदार नहीं।
तुम नहीं करती हो मुझसे इकरार ये मुहब्बत,
तुम्हारी आंखें मुझसे हाले मुहब्बत बताती है।
हर बार तुम मुझसे झूट बोलना चाहती हो,
लेकिन तुम्हारी सांसे मुझसे सच बोल जाती हैं।
तेरी तस्वीर आज भी हजार बार देखता हू,
ना लग जाए नजर कही मेरी कई बार सोचता हूं।
रूठना मनाना ऐसे ही चलता रहेगा,
जिदंगी का सूरज ऐसे ही  ढलता रहेगा।
समय के साथ अपनी मुहब्बत को जान लो,
आज भी प्यार तुमहारा है मान लो।
शिवम सिंह यादव(अभियंता & अधिवक्ता)



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